लोगों की राय

बी ए - एम ए >> बीए सेमेस्टर-3 मनोविज्ञान

बीए सेमेस्टर-3 मनोविज्ञान

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2022
पृष्ठ :160
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2647
आईएसबीएन :0

Like this Hindi book 0

बीए सेमेस्टर-3 मनोविज्ञान सरल प्रश्नोत्तर

अध्याय  - 7

सामाजिक प्रभावक प्रक्रियाएँ

(Social Influence Processes)

 

प्रश्न- अनुरूपता से क्या आशय है? अनुरूपता की प्रमुख विशेषताएँ बताते हुए इसको प्रभावित करने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।

अथवा
"अनुरूपता सामूहिक प्रभाव का एक प्रमुख कारक है।' व्याख्या कीजिए।
अथवा
सामाजिक अनुरूपता पर टिप्पणी लिखिये।
सम्बन्धित लघु प्रश्न
1. अनुरूपता से क्या आशय है?
2. अनुरूपता को परिभाषित कीजिए।
3. अनुरूपता की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
4. अनुरूपता को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
5. अनुरूपता किन कारकों द्वारा प्रभावित होती है?

उत्तर -

अनुरूपता का अर्थ एवं परिभाषा
(Meaning and Definition of Conformity)

प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी समूह का सदस्य होता है। हर समूह अपने सदस्यों से उम्मीद करता है कि वह समूह के मानक के अनुसार कार्य करेगा। कभी-कभी व्यक्ति अपनी इच्छा से समूह निर्णय को स्वीकार कर लेता है, लेकिन कभी-कभी उसकी इच्छा न होने पर भी उसे निर्णय को स्वीकार करना होता है। इसे समूह दबाव कहते हैं। जब व्यक्ति समूह दबाव के कारण अपने व्यवहार में वांछित परिवर्तन लाता है तो इसे अनुरूपता कहते हैं। अनुरूपता को परिभाषित करते हुए विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने इसकी भिन्न-भिन्न परिभाषायें दी हैं जिनमें से कुछ प्रमुख परिभाषाएँ निम्नलिखित हैं-

क्रेच, क्रचफील्ड तथा बैलकी (Krech, Cructhfield and Ballachey, 1962) - के अनुसार, “ अनुरूपता का सार है समूह दबावों के सामने झुक जाना।”

किसलर एवं किसलर (Kieslar and Kieslar, 1969) - के अनुसार, “वास्तविक या काल्पनिक समूह दबाव के कारण समूह के प्रति व्यक्ति के व्यवहार या विश्वास में परिवर्तन को अनुरूपता कहा जाता है।

वर्केल तथा कूपर (Worchel and Cooper, 1979) - के अनुसार, “ अनुरूपता एक ऐसा व्यवहार है जिसके सहारे व्यक्ति समूह दबाव के सामने झुक जाता है हालाँकि उसकी व्यक्तिगत अनुभूतियाँ दूसरे ढंग से विचार करना चाहती हैं।"

अनुरूपता की विशेषताएँ
(Characteristics of Conformity)

अनुरूपता की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं -

1. अनुरूपता की सबसे प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें मानसिक संघर्ष पाया जाता है। यह संघर्ष व्यक्ति के व्यक्तिगत मतों तथा विचारों एवं समाज में उत्पन्न होने वाले दबावों के मध्य होता है।

2. अनुरूपता की दूसरी विशेषता यह होती है कि व्यक्ति यहाँ समूह दबावों के कारण अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं तथा मनोवृत्तियों का त्याग करके उसके सामने घुटने टेक देता है।

3. अनुरूपता में समूह द्वारा व्यक्ति पर दिये जाने वाले दबाव के दो प्रमुख तत्व आदर्श सामाजिक प्रभाव एवं सूचनात्मक सामाजिक प्रभाव होते हैं। आदर्श सामाजिक प्रभाव का सम्बन्ध समाज के मानक से होता है तथा सूचनात्मक सामाजिक प्रभाव का सम्बन्ध समूह के अन्य व्यक्तियों द्वारा दी जाने वाली सूचनाओं से होता है।

4. सामान्यतः अनुरूपता के दो प्रकार सामायिक अनुरूपता तथा वास्तविक अनुरूपता बतलाये गये हैं। सामायिक अनुरूपता में व्यक्ति समाज के दबाव से सहमत हो जाता है, परन्तु भीतर से उन दबावों के प्रति असहमत रहता है तथा वास्तविक अनुरूपता में व्यक्ति समाज के दबावों के प्रति भीतर तथा बाहर दोनों से ही अनुरूपता दिखलाता है।

अनुरूपता को प्रभावित करने वाले कारक
(Factors affecting Conformity)

अनुरूपता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं

1. समूह का आकार (Size of Group) - जब समूह का आकार बड़ा होता है तो अनुरूपता अधिक होती है। अन्य शब्दों में यदि किसी व्यक्ति के मत के विपरीत अधिक व्यक्तियों का मत होता है तो वह व्यक्ति बहुत जल्द ही अपना व्यक्तिगत मत त्यागकर समूह के मतों के अनुकूल ही अपना मत बना लेता है।

2. समूह का संगठन (Organization of Group) - अध्ययनों में यह देखा गया है कि यदि व्यक्ति विरोध करने वाले व्यक्तियों को अपने से कम योग्य समझता है तो अनुरूपता कम होती है, लेकिन यदि विरोध करने वाले व्यक्तियों को वह अपने से अधिक योग्य तथा कुशल मानता है तो अनुरूपता अधिक होती है।

3. समूह की सर्वसम्मतता (Unanimity of Group) - अनुरूपता समूह की सर्वसम्मतता से भी प्रभावित होती है। यदि सर्वसम्मति से उस व्यक्ति के मत का विरोध किया जाता है तो उस व्यक्ति में अनुरूपता अधिक पायी जाती है, लेकिन विरोध करने वाले व्यक्तियों में से एक या दो व्यक्ति भी पहले व्यक्ति के मत का समर्थन कर देते हैं तो उससे अनुरूपता काफी कम हो जाती है।

4. आत्म सम्मान एवं व्यक्तित्व सम्बन्धी क्षमता (Self-respect Capacity related to Personality) - कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं, जिनमें आत्म-सम्मान एवं सक्षमता का गुण अधिक होता है एवं कुछ व्यक्ति ठीक इसके विपरीत होते हैं। ऐसे व्यक्ति जिनमें आत्म-सम्मान एवं सक्षमता अधिक होती है और उन्हें अपने आप पर अधिक भरोसा होता है वे स्वतन्त्र विचार के होते हैं और वे आदर्श सामाजिक प्रभाव के प्रति अधिक उत्तरदायी नहीं होते हैं। कम आत्म सम्मान एवं कम सक्षम व्यक्ति दूसरे से समर्थन की आशा करते हैं एवं उन्हें खुश करने की कोशिश करते हैं। पहले प्रकार के शीलगुण वाले व्यक्तियों में अनुरूपता कम देखी जाती है।

5. कृपा दृष्टि प्राप्त करने की प्रवृत्ति (Tendency of Getting Favour) - कुछ व्यक्तियों में दूसरों की कृपा दृष्टि प्राप्त करने की तीव्र लालसा होती है। ऐसे लोगों द्वारा अनुरूपता अधिक दिखायी जाती है।

6. आकर्षकता ( Attraction) अनुरूपता इस बात से प्रभावित होती है कि समूह कितना आकर्षक है। व्यक्ति के लिए समूह रूपत अधिक आकर्षक होगा, व्यक्ति का व्यवहार उतना ही अधिक उस समूह के निर्णय तथा मानकों के अनुकूल होगा। अन्य शब्दों में, संदर्भ समूह जितना व्यक्ति के लिए आकर्षक होगा, समूह के प्रति अनुरूपता भी उतनी ही अधिक होगी।

...Prev | Next...

<< पिछला पृष्ठ प्रथम पृष्ठ अगला पृष्ठ >>

    अनुक्रम

  1. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान के कार्यक्षेत्र की व्याख्या करें।
  2. प्रश्न- सामाजिक व्यवहार के स्वरूप की व्याख्या कीजिए।
  3. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान की परिभाषा दीजिए। इसके अध्ययन की दो महत्वपूर्ण विधियों पर प्रकाश डालिए।
  4. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान की प्रयोगात्मक विधि से क्या तात्पर्य है? सामाजिक परिवेश में इस विधि की क्या उपयोगिता है?
  5. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान की निरीक्षण विधि का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिये।
  6. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान में सर्वेक्षण विधि के महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
  7. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान में क्षेत्र अध्ययन विधि से आप क्या समझते हैं? इसके प्रकार तथा गुण दोषों पर प्रकाश डालिए।
  8. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान को परिभाषित कीजिए। इसकी प्रयोगात्मक तथा अप्रयोगात्मक विधियों की विवेचना कीजिए।
  9. प्रश्न- अन्तर- सांस्कृतिक शोध विधि क्या है? इसके गुण-दोषों का वर्णन कीजिए।
  10. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान की आधुनिक विधियों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
  11. प्रश्न- सामाजिक व्यवहार के अध्ययन की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
  12. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान के महत्व पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  13. प्रश्न- अर्ध-प्रयोगात्मक विधि का वर्णन कीजिये।
  14. प्रश्न- क्षेत्र अध्ययन विधि तथा प्रयोगशाला प्रयोग विधि का तुलनात्मक अध्ययन कीजिये।
  15. प्रश्न- समाजमिति विधि के गुण-दोष बताइये।
  16. प्रश्न- निरीक्षण विधि पर टिप्पणी लिखिये।
  17. प्रश्न- व्यक्ति प्रत्यक्षीकरण का अर्थ स्पष्ट करते हुए उसके स्वरूप को समझाइए।
  18. प्रश्न- प्रभावांकन के साधन की व्याख्या कीजिए तथा यह किस प्रकार व्यक्ति प्रत्यक्षीकरण में सहायक है? स्पष्ट कीजिए।
  19. प्रश्न- दूसरे व्यक्तियों के बारे में हमारे मूल्यांकन पर उस व्यक्ति के व्यवहार का क्या प्रभाव पड़ता है? स्पष्ट कीजिए
  20. प्रश्न- व्यक्ति प्रत्यक्षीकरण से आप क्या समझते हैं? यह जन्मजात है या अर्जित? विवेचना कीजिए।
  21. प्रश्न- चित्रीकरण करना किसे कहते हैं?
  22. प्रश्न- अवचेतन प्रत्यक्षण किसे कहते हैं?
  23. प्रश्न- सामाजिक प्रत्यक्षण पर संस्कृति का क्या प्रभाव पड़ता है?
  24. प्रश्न- छवि निर्माण किसे कहते हैं?
  25. प्रश्न- आत्म प्रत्यक्षण किसे कहते हैं?
  26. प्रश्न- व्यक्ति प्रत्यक्षण में प्रत्यक्षणकर्ता के गुणों पर प्रकाश डालिए।
  27. प्रश्न- प्रत्यक्षपरक सुरक्षा किसे कहते हैं?
  28. प्रश्न- सामाजिक अनुभूति क्या है? सामाजिक अनुभूति का विकास कैसे होता है?
  29. प्रश्न- स्कीमा किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार का होता है?
  30. प्रश्न- सामाजिक संज्ञानात्मक के तहत स्कीमा निर्धारण की प्रक्रिया कैसी होती है? व्याख्या कीजिए।
  31. प्रश्न- बर्नार्ड वीनर के गुणारोपण सिद्धान्त की व्याख्या कीजिए।
  32. प्रश्न- केली के सह परिवर्तन गुणारोपण सिद्धान्त की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।
  33. प्रश्न- क्या स्कीमा स्मृति को प्रभावित करता है? अपने विचार व्यक्त कीजिए।
  34. प्रश्न- क्या सामाजिक अनुभूति में सांस्कृतिक मतभेद पाए जाते हैं?
  35. प्रश्न- स्कीम्स (Schemes) तथा स्कीमा (Schema) में क्या अन्तर है? स्पष्ट कीजिए।
  36. प्रश्न- मनोवृत्ति से आप क्या समझते हैं? इसके घटकों को स्पष्ट करते हुए इसकी प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
  37. प्रश्न- अभिवृत्ति निर्माण की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए अभिवृत्ति में परिवर्तन लाने के उपायों का वर्णन कीजिए।
  38. प्रश्न- मनोवृत्ति परिवर्तन में हाईडर के संतुलन सिद्धान्त की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।
  39. प्रश्न- संज्ञानात्मक अंसवादिता से आप क्या समझते हैं? फेसटिंगर ने किस तरह से इसके द्वारा मनोवृत्ति परिवर्तन की व्याख्या की?
  40. प्रश्न- मनोवृत्ति की परिभाषा दीजिए। क्या इसका मापन संभव है? अभिवृत्ति मापन की किसी एक विधि की विवेचना कीजिए।
  41. प्रश्न- मनोवृत्ति मापन में लिकर्ट विधि का मूल्यांकन कीजिए।
  42. प्रश्न- मनोवृत्ति मापन में बोगार्डस विधि के महत्व का वर्णन कीजिए।
  43. प्रश्न- अभिवृत्ति मापन में शब्दार्थ विभेदक मापनी का वर्णन कीजिए।
  44. प्रश्न- अभिवृत्ति को परिभाषित कीजिए। अभिवृत्ति मापन की विधियों का वर्णन कीजिए।
  45. प्रश्न- मनोवृत्ति को परिभाषित कीजिए। मनोवृत्ति के निर्माण को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
  46. प्रश्न- अन्तर्वैयक्तिक आकर्षण क्या है? इसके स्वरूप तथा निर्धारकों का वर्णन कीजिए।
  47. प्रश्न- अभिवृत्ति के क्या कार्य हैं? लिखिए।
  48. प्रश्न- अभिवृत्ति और प्रेरणाओं में अन्तर समझाइये।
  49. प्रश्न- अभिवृत्ति मापन की कठिनाइयों का उल्लेख कीजिए।
  50. प्रश्न- थर्स्टन विधि तथा लिकर्ट विधि का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।
  51. प्रश्न- उपलब्धि प्रेरक पर प्रकाश डालिए।
  52. प्रश्न- अन्तर्वैयक्तिक आकर्षण में वैयक्तिक कारकों की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
  53. प्रश्न- “अन्तर्वैयक्तिक आकर्षण होने का एक मुख्य आधार समानता है।" विवेचना कीजिए।
  54. प्रश्न- आक्रामकता को स्पष्ट कीजिए एवं इसके प्रकारों का वर्णन कीजिए।
  55. प्रश्न- क्या आक्रामकता जन्मजात होती है? एक उपयुक्त सिद्धान्त द्वारा इसकी आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।
  56. प्रश्न- कुंठा आक्रामकता सिद्धान्त की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।
  57. प्रश्न- क्या आक्रामकता सामाजिक रूप से एक सीखा गया व्यवहार होता है? एक उपयुक्त सिद्धान्त द्वारा इसकी आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।
  58. प्रश्न- आक्रामकता के प्रमुख सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए।
  59. प्रश्न- कुंठा-आक्रामकता सिद्धान्त को बताइए।
  60. प्रश्न- आक्रामकता को उकसाने वाले प्रमुख कारकों का वर्णन कीजिए। अपने उत्तर के पक्ष में प्रयोगात्मक साक्ष्य भी दें।
  61. प्रश्न- मानवीय आक्रामकता के वैयक्तिक तथा सामाजिक निर्धारकों का वर्णन कीजिए।
  62. प्रश्न- समाजोपकारी व्यवहार का अर्थ और इसके निर्धारकों पर एक निबन्ध लिखिए।
  63. प्रश्न- प्रतिसामाजिक व्यवहार का स्वरूप तथा विशेषताएँ बताइये।
  64. प्रश्न- सहायतापरक व्यवहार के सामाजिक व सांस्कृतिक निर्धारक का वर्णन कीजिए।
  65. प्रश्न- परोपकारी व्यवहार को किस प्रकार उन्नत बनाया जा सकता है?
  66. प्रश्न- सहायतापरक व्यवहार किसे कहते हैं?
  67. प्रश्न- सहायतापरक व्यवहार के निर्धारकों का वर्णन कीजिए।
  68. प्रश्न- अनुरूपता से क्या आशय है? अनुरूपता की प्रमुख विशेषताएँ बताते हुए इसको प्रभावित करने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।
  69. प्रश्न- अनुरूपता के सिद्धान्त की व्याख्या कीजिए।
  70. प्रश्न- पूर्वाग्रह की उपयुक्त परिभाषा दीजिये तथा इसकी प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए। पूर्वाग्रह तथा विभेद में अन्तर बताइये।'
  71. प्रश्न- सामाजिक पूर्वाग्रहों की प्रवृत्ति की संक्षिप्त रूप में विवेचना कीजिए। इसके हानिकारक प्रभावों को किस प्रकार दूर किया जा सकता है? उदाहरण देकर अपने उत्तर की पुष्टि कीजिये।
  72. प्रश्न- पूर्वाग्रह कम करने की तकनीकें बताइए।
  73. प्रश्न- पूर्वाग्रह से आप क्या समझते हैं? इसकी विशेषताओं एवं स्रोतों का वर्णन कीजिए।
  74. प्रश्न- आज्ञापालन (Obedience) पर टिप्पणी लिखिये।
  75. प्रश्न- दर्शक प्रभाव किसे कहते हैं?
  76. प्रश्न- पूर्वाग्रह की प्रकृति एवं इसके संघटकों की विवेचना कीजिए।
  77. प्रश्न- पूर्वाग्रह के प्रमुख प्रकारों का वर्णन कीजिए।
  78. प्रश्न- पूर्वाग्रह के नकारात्मक प्रभाव का वर्णन कीजिये।
  79. प्रश्न- पूर्वाग्रह के विकास और सम्पोषण में निहित प्रमुख संज्ञानात्मक कारकों का वर्णन कीजिए।
  80. प्रश्न- पूर्वाग्रह एवं विभेदन को कम करने के लिये कुछ कार्यक्रमों की व्याख्या कीजिए।
  81. प्रश्न- समूह समग्रता से आप क्या समझते हैं? समूह समग्रता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों का वर्णन कीजिये।
  82. प्रश्न- समूह मानदंड क्या है? यह किस प्रकार से समूह के लिए कार्य करते हैं?
  83. प्रश्न- समूह भूमिका किस प्रकार अपने सदस्यों के लिए कार्य करती है? स्पष्ट कीजिए।
  84. प्रश्न- निवैयक्तिकता से आप क्या समझते हैं? प्रयोगात्मक अध्ययनों से निवैयक्तिकता की प्रक्रिया पर किस तरह का प्रकाश पड़ता है?
  85. प्रश्न- “सामाजिक सरलीकरण समूह प्रभाव का प्रमुख साधन है। व्याख्या कीजिए।
  86. प्रश्न- “निर्वैयक्तिता में व्यक्ति अपनी आत्म- अवगतता खो देता है। इस कथन की व्याख्या कीजिए।
  87. प्रश्न- समूह के प्रकार बताइये।
  88. प्रश्न- सामाजिक श्रमावनयन से आप क्या समझते हैं? इसके कारणों का उल्लेख कीजिए और इसे किस तरह से कम किया जा सकता है? विवेचना कीजिए।
  89. प्रश्न- आज्ञापालन (Obedience) पर टिप्पणी लिखिये।
  90. प्रश्न- समूह निर्णय पर टिप्पणी लिखिये।
  91. प्रश्न- सामाजिक श्रमावनयन पर टिप्पणी लिखिये।
  92. प्रश्न- समूह की संरचना पर टिप्पणी लिखिये।

अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book